लालची आइसक्रीम वाली I Hindi Moral Stories

आपने अक्सर अपने बड़े बुजुर्गो से कई प्रेरक कहानियाँ सुनी होंगी. इन कहानियों को सुनकर एक अलग ही ख़ुशी मिलती थी. आज मैं आपको ऐसी कुछ कहानियाँ सुनाने जा रहा हूं जो आपको बहुत पसंद आयेंगी. तो चलिए शुरू करते हैं - (hindi stories)


              लालची आइसक्रीम वाली hindi stories 

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ये कहानी है विमला आइसक्रीम वाली की. विमला अपने आइसक्रीम के लिए मशहूर थी. विमला के हाथ में हमेशा एक घंटी हुआ करती थी. जैसे ही वह घंटी बजाती, गली मोहल्ले के सारे बच्चे दौड़े चले आते. इस शहर में आइसक्रीम की एक दुकान भी थी, लेकिन एक भी बच्चा वहां नजर नहीं आता था. एक दिन विमला आइसक्रीम बेचने जा रही थी, तभी वहां पे आइसक्रीम बेचने वाले ने विमला से कहा -"अरे ओ विमला! तेरे आइसक्रीम में ऐसी क्या बात है, जो तेरी आइसक्रीम सब लोग लेते है."

तभी विमला बोली -"मैं तुम्हें क्यों बताऊँ."

दुकानदार -"अच्छा छोड़, तब एक आइसक्रीम ही दे दे." 

विमला -"आपके पास इतनी सारी आइसक्रीम है, वही खाइए."

आइसक्रीम की दुकान वाला हक्का बक्का रह गया और विमला वहां से चली गयी. अब दुकानदार सोच में पड़ गया कि कैसे वह विमला का काँटा निकाले. वह सोचने लगा -"कोई तो रास्ता होगा इस विमला की बच्ची से निपटने का."

अगले दिन फिर विमला ने रोज की तरह आइसक्रीम बनाई और आइसक्रीम बेचने निकल पड़ी. विमला की घंटी सुन सारे बच्चे उसकी ओर खींचे चले आये. विमला ने एक एक करके सारे बच्चों को आइसक्रीम दी.

आज विमला का व्यापार अच्छा चल रहा था. विमला को लगा आज दोपहर तक सारी आइसक्रीम ख़त्म हो जाएगी और हुआ भी वैसा. विमला ने भरी दोपहर में अपनी आखिरी आइसक्रीम बेची और अब वो खाली डब्बा लेकर आइसक्रीम की दुकान के सामने से गुजर रही थी.

विमला ने दुकानदार से कहा -"देखो! मेरी तो सारी आइसक्रीम बिक गयी."

दुकानदार -"और मेरी सारी पड़ी पड़ी सड़ रही है. अब तुझे क्या पता, कितना नुक्सान होता है मुझे .काश कोई मेरे पास भी तेरे जैसा होता, जो घूम घूम कर आइसक्रीम बेचता."

तभी दुकानदार को एक युक्ति सूझी. उसने विमला से कहा -"सुन विमला! इसमें तेरा भी मुनाफ़ा है और मेरा भी."

विमला -"वो कैसे ?"

दुकानदार -"ये मेरी आइसक्रीम तू गाँव में घूम घूम के बेच दे. मैं तुझे इसके आधे पैसे दूंगा. कम से कम मेरा नुकसान तो नहीं होगा."

विमला ने थोड़ा सोचा और कहा -"वैसे सौदा बुरा नहीं है ...लेकिन !"

दुकानदार -"लेकिन वेकिन छोड़, ये ले "

दुकानदार ने विमला के डिब्बे में अपना आइसक्रीम भरना शुरू कर दिया. और फिर विमला निकल पड़ी आइसक्रीम बेचने. और हमेशा की तरह बच्चों ने विमला से आइसक्रीम खरीदना शुरू कर दिया. शाम तक विमला ने सारी आइसक्रीम बेच दी थी.

विमला दुकानदार के पहुंची और बोली -"ये लो भाई! आज की कमाई."

दुकानदार -"अरे वाह वाह! कितने दिनों से यह आइसक्रीम मेरी दुकान में पड़ी थी. तूने तो एक ही दिन में सारी आइसक्रीम बेच दी. ये ले तेरा हिस्सा."

विमला को अच्छे खासे पैसे मिले और ये देख वो बहुत खुश थी. विमला अपने घर गयी और आज वह ख़ुशी से नाच रही थी. कुछ देर बाद उसके दरवाजे पर ज़ोर ज़ोर से ठक ठक होने लगी. 

बहुत सारे लोग उसके घर के बाहर इकट्ठे थे और विमला को बाहर बुला रहे थे -"विमला दरवाजा खोलो! विमला बाहर आओ!"

विमला बोली -"आ रही हूं."

विमला ने दरवाजा खोला और देखा कि बहुत सारे गाँव वाले अपने हाथों में लाठी लिए खड़े थे.

विमला घबरा गयी और बोली -"क ..क्या बात है ?"

एक गाँव वाले ने कहा -"तुम हमारे गाँव के बच्चों की जिंदगी से खेल रही हो. तुमने उन्हें कीड़े वाली आइसक्रीम खिलाई."

विमला डर गयी और बोली -"नहीं.. मैं भला ऐसा क्यों करुँगी."

गाँव वाले -"तो क्या हम झूठ बोल रहे हैं. ये देखो, ये तुम्हारी ही आइसक्रीम है न!"

विमला ने वह आइसक्रीम देखी और उसे याद आया कि वो तो आइसक्रीम की दुकान वाले की आइसक्रीम थी.

गाँव वाला -"तुमसे ऐसी उम्मीद नहीं थी. तुम हमारे बच्चों की जिंदगी से खेल रही हो. कल से गाँव में तुम्हारी आइसक्रीम कोई भी नहीं खरीदेगा."

इतना कहकर वो लोग वहां से चले गए. फिर विमला वहीँ बैठकर रोने लगी. वह सोच रही थी कि -"कितनी बड़ी बेवकूफ हूं मैं. कम से कम आइसक्रीम बेचने से पहले उसे देख तो लेती. लालच ने मुझे अँधा बना दिया था, बेवकूफ हूं मैं."

विमला को अपने लालच पर पछतावा हो रहा था, लेकिन बाद पछताए क्या होत, जब चिड़िया चुग गयी खेत. इसीलिए कहते हैं कि लालच बुरी बला है.



                  Hindi Moral Stories #2


ये कहानी है जमुना की. जमुना एक बहुत ही मेहनती और दरियादिल औरत थी. वो बहुत स्वादिष्ट कुल्फी बनाकर सुल्तानपुर में बेचती थी. कुल्फी बेचकर ही वह अपना पेट पालती थी. बच्चे उसकी कुल्फी को बहुत पसंद करते थे.

जमुना की दरियादिली देख उसकी सहेली बहुत परेशन हो जाती थी. वह जमुना से कहती है -"जमुना! अगर तुम इतने सस्ते में कुल्फी बेचोगी, तो तुम्हे बहुत घाटा हो जायेगा. तुम अपना घर कैसे चलोगी?

जमुना ने प्यार से कहा -"मुझे तो बस बच्चों को ये कुल्फी खाता देखकर ही ख़ुशी मिलती है."

जमुना को एक दिन सड़क पर गर्मी से परेशान एक कुत्ता मिला. जमुना ने उसे भी एक कुल्फी खिलाई. अब वो कुत्ता जमुना के साथ ही रहने लगा. जमुना जब कुल्फी बेचने जाती, तो वह कुत्ता भी उसके पीछे पीछे गली गली में जाता था.

जमुना की स्वादिष्ट कुल्फी धीरे धीरे पुरे सुल्तानपुर में प्रसिद्द हो गयी. सब बच्चे अब उसी से कुल्फी खरीकर खाते थे. बच्चे उसे प्यार से जमुना मासी बुलाने लगे.

जमुना की कुल्फियों की बढती बिक्री से आइसक्रीम बेचने वाले हरिया को बहुत जलन होने लगी. क्योंकि अब सब बच्चे उसकी आइसक्रीम की जगह जमुना से कुल्फी खरीदने लगे थे. 

हरिया ने अपनी आइसक्रीम की बिक्री बढाने का एक तरीका निकाला. उसने जमुना से कहा -"अरे जमुना बहन! कब तक गली गली सर पर यह बोझा रखकर घुमोगी. एक काम करो, अपनी सारी कुल्फी मुझे बेच दिया करो."

जमुना ने कहा -"नहीं हरिया! मुझे खुद बच्चों को कुल्फी बेचना अच्छा लगता है."

हरिया -"तुम्हारी मर्जी! मैनें तो सोचा था, कि तुम्हारा काम आसान कर दूँ. 

जमुना वहां से चल दी. फिर हरिया मन में सोचने लगा -"इसे कुल्फी बेचने से रोकने के लिए मुझे कुछ करना पड़ेगा." 

जमुना कुल्फी बेचने के लिए गाँव में घूमती और वो कुत्ता भी उसके साथ घूमता. जमुना एक गली से गुजरते हुए कुल्फी की आवाज लगाती है. तभी हरिया साईकिल पर जमुना का पीछा करता है.

हरिया सोचता है -"मौका पाते ही मैं इसे साईकिल से धक्का देकर गिरा दूंगा, तो इसकी सारी कुल्फी बर्बाद हो जाएगी."

यह सोचकर वह हंसने लगता है. हरिया जमुना को धक्का देने के लिए जैसे ही नजदीक आता है, वो कुत्ता उसे देख लेता है और उसकी साईकिल पर लपककर उल्टा उसे ही गिरा देता है.

वह कुता उसे काटने के लिए दौड़ता है. हरिया किसी तरह अपनी जान बचाकर वहां से भाग जाता है. जमुना की कुल्फी बर्बाद करने के चक्कर में खुद उसकी आइसक्रीम बर्बाद हो गयी. उस कुत्ते ने जमुना की कुल्फियां बर्बाद होने से बचा लीं. 

इस कहानी से हमें ये सीख मिलती है कि मेहनत और दया का फल हमेशा अच्छा ही मिलता है. जो दुसरो पर दया करता है, वो कभी मुसीबत में नहीं फंसता.



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लालची आइसक्रीम वाली I Hindi Moral Stories लालची आइसक्रीम वाली I Hindi Moral Stories Reviewed by hindi stories on November 15, 2019 Rating: 5

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